आईये आपको बताते हैं डेंगू के लक्षण क्या हैं. बता दे कि डेंगू बु’खार मच्छरों के काटने से होती है. यह चार किस्मों के डेंगू वायरस के सं’क्रमण से होती है. जो मादा ऐडीस मच्छर के काटने से फैलता है.

डेंगू बुखार में तेज बुखार के साथ नाक बहना, खां’सी, आंखों के पीछे द’र्द, जोड़ों के द’र्द और त्वचा पर हल्के रै’श होते हैं. हालांकि कुछ बच्चों में लाल और सफेद निशानों के साथ पेट खराब, जी मि’चलाना, उ’ल्टी आदि हो सकता है.

डेंगू के प्रति जागरूक होना बहुत जरूरी है। क्योंकि लोगों को परेशान करने वाले इस रोग में जानकारी ही बचाव है। इसके लिए आपको बस थोड़ा सतर्क रहना जरूरी है। सतर्क रहने के बावजूद भी हमें जानना चाहिए कि आखिर डेंगू के लक्षण क्या हैं.

बता दे कि डेंगू बिमारी गर्मी और बारिश के मौसम में तेजी से पनपती है। डेंगू के मच्छर हमेशा साफ़ पानी में पनपते हैं. जैसे छत पर लगी पानी की टंकी, घड़ों और बाल्टियों में जमा पीने का पानी, कूलर का पानी, गमलों में भरा पानी इत्यादि.

डेंगू के लक्षण क्या है :

डेंगू के लक्षण क्या है

 

डेंगू हो जाने के बाद हमें इस बात की जानकारी नहीं होती कि आखिर यह हम तक कैसे पहुंची. साथ ही हम असमंजस में भी रहते हैं कि आखिर किस तरह पता करें कि डेंगू के लक्षण क्या हैं. तो आईये जानते हैं डेंगू के लक्षण हैं क्या !

  1. पेट में तेज दर्द
  2. लगातार उल्टी का होना
  3. बेचैनी या सुस्ती
  4. तेजी से शरीर का तापमान कम हो तो यह खतरे की घंटी है, तुरंत छाती का एक्सरे-रेडियोग्राफी के साथ छाती और पेट का अल्ट्रासाउंड करवाकर प्लाज्मा लीकेज का पता करना चाहिए.
  5. नब्ज में 20 की बढ़ोतरी, BP में 20 की कमी, उच्च और निम्न बीपी में 20 से कम का अंतर हो और बाजू पर 20 से ज्यादा निशान हों तो ये गंभीर खतरे के लक्षण होते हैं.
  1. पेट में तेज दर्द:
पेट में तेज़ दर्द
पेट में तेज़ दर्द

डेंगू बुखार के लक्षण क्या हैं – 

  • प्लाज्मा लीकेज
  • शरीर का तापमान कम
  • बुखार या जोड़ों के दर्द इत्यादि 

प्लाज्मा लीकेज :

"<yoastmark

प्लाज्मा लीकेज डेंगू का सबसे स्पष्ट और जानलेवा लक्षण है. अगर डेंगू बुखार के लक्षण क्या है ये जाना है तो प्लाज्मा लीकेज के बारे में ज़रूर जानकरी लें. प्लाज्मा लीकेज डेंगू बीमारी होने के 3 से 7 दिनों के अंदर होता है.

You Need to Also See This:

अगर प्लाजमा लीकेज हो जाए तो वस्कुलर प्रिमिबिल्टी 24 से 48 घंटों में बनती है. अगर सहायक इलाज में देरी हो जाए तो प्लाज्मा लीकेज वाले मरीजों को शॉक हो सकता है. और जान जाने का खतरा 12 प्रतिशत तक हो जाता है. प्लाज्मा लीकेज के बाद 60 % मरीजों में पेट दर्द की शिकायत पाई जाती है.

शरीर का तापमान कम :

शरीर का तापमान कम
शरीर का तापमान कम

डेंगू बुखार के लक्षण में यह भी सामने आया है कि अगर आपके शारीर का तापमान सामान्य तापमान कम है. तो आपको डेंगू हो सकता है. शरीर का तापमान कम हो तो यह खतरे की घंटी है. तुरंत छाती के एक्सरे के साथ पेट का अल्ट्रासाउंड करवा कर प्लाज्मा लीकेज का पता करना चाहिए.

Corona Update:

Breaking: बढ़ते कोरोना महामारी के बीच कुल इतने डॉक्टर्स ने धड़ल्ले से दिया इस्तीफा, सरकार को लगा झटका !

बुखार या जोड़ों में दर्द :

बुखार या जोड़ों में दर्द
बुखार या जोड़ों में दर्द

 

अगर यह पता लगाना हो कि डेंगू के लक्षण क्या हैं तो अपने शरीर में होने वाले बदलाव को ज़रूर पहचानने. बुखार या जोड़ों के दर्द को कम करने के लिए पैरासीटामोल दवाई ली जा सकती है. लेकिन एस्प्रिन या आईब्यूप्रोफेन नहीं लेनी चाहिए. क्योंकि इससे ब्लीडिंग का खतरा हो सकता है.

अगर डेंगू के मरीज का प्लेटलेट्स काउंट 10,000 से ज्यादा हो तो प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की कोई आवश्यकता नहीं होती.

डेंगू के लक्षण का विडियो

डेंगू से बचने के उपाय:

वैसे तो डेंगू का इलाज डॉक्टरों के द्वारा किया जाता है . मगर सावधानी के तौर पर आप भी कुछ तरीके अपना सकते हैं।

1. जैसे कि रोगी को ज्यादा से ज्यादा तरल चीजें दीजिए ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो। डेंगू में गिलोई के पत्ते काफी उपयोगी होते हैं।

2. मरीज को पपीते के पत्ते पानी में पीस कर दिए जा सकते हैं . इससे शरीर में प्लेटलेट्स बढान का काम करते हैं . पपीते के पत्ते देने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर लें।

3. मरीज को डिस्प्रिन और एस्प्रिन की गोली कभी ना दें।

4. बुखार कम करने के लिए पेरासिटामॉल की गोली दी जा सकती है।

5. जितना हो सके नारियल पानी और जूस पिलायें।

निषकर्ष :

डेंगू के मरीजों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. आराम करना चाहिए और काफी मात्रा में तरल आहार लेना चाहिए. डेंगू के लाभकारी घरेलु उपाय भी उपलब्ध हैं.  इन नुस्खों की मदद से आप डेंगू से घर पर लड़ सकते हैं. ऐसे ही कुछ नुस्खें नीचे दिए गए हैं:

-अदरक की चाय और ग्रीन टी काफी लाभदायक होती है.
-बर्फ का पैक सूजन और दर्द में आराम पहुंचाता है
-गिलोय का जूस बुखार से लड़ने में मदद करता है
-पपीते का जूस ब्लड प्लेटलेट बढ़ने में लाभकारी सिद्ध हुआ है
-तुलसी के पत्ते चाय या पानी में उबाल कर पीएं. क्यूंकि तुलसी इम्युनिटी बढ़ने और भूकर को काम करने में मदद करती है.

-अगर मरीज को साधारण डेंगू बुखार है तो उसका इलाज व देखभाल घर पर की जा सकती है।
-डॉक्टर की सलाह लेकर पैरासिटामोल (क्रोसिन आदि) ले सकते हैं।
-एस्प्रिन (डिस्प्रिन आदि) बिल्कुल न लें। इनसे प्लेटलेट्स कम हो सकते हैं।
-अगर बुखार 102 डिग्री फॉरेनहाइट से ज्यादा है तो मरीज के शरीर पर पानी की पट्टियां रखें।
-सामान्य रूप से खाना देना जारी रखें। 
-मरीज को आराम करने दें।

-ऐसे कपड़े पहने, जिससे शरीर का ज्यादा-से-ज्यादा हिस्सा ढका रहे। खासकर बच्चों के लिए यह सावधानी बहुत जरूरी है। बच्चों को मलेरिया सीजन में निक्कर व टी-शर्ट न पहनाएं।

इन दिनों बुखार होने पर सिर्फ पैरासिटामोल (क्रोसिन, कैलपोल आदि) लें। एस्प्रिन (डिस्प्रिन, इकोस्प्रिन) या एनॉलजेसिक (ब्रूफिन, कॉम्बिफ्लेम आदि) बिल्कुल न लें. क्योंकि अगर डेंगू है तो एस्प्रिन या ब्रूफिन लेने से प्लेटलेट्स कम हो सकती हैं. शरीर से ब्लीडिंग शुरू हो सकती है।

कई बार चौथे-पांचवें दिन बुखार कम होता है तो लगता है कि मरीज ठीक हो रहा है. जबकि ऐसे में अक्सर प्लेटलेट्स गिरने लगते हैं। बुखार कम होने के बाद भी एक-दो दिन में एक बार प्लेटलेट्स काउंट टेस्ट जरूर कराएं. अगर किसी को डेंगू हो गया है तो उसे मच्छरदानी के अंदर रखें.

Loading...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here